Skip to main content

स्वतंत्रता सेनानियों के प्रसिद्ध नारे - Famous slogans of freedom fighters

अंग्रेजों भारत छोड़ो ( Quite India ) - महात्मा गाँधी 

करो या मरो ( Do or die ) - महात्मा गाँधी 

हमने घुटने टेक के रोटी मांगी किन्तु पत्थर मिले - महात्मा गाँधी 

कर मत दो ( don't pay tax ) - सरदार पटेल 

तुम मुझे खून दो में तुम्हे आजादी दूंगा - सुभाष चन्द्र बोश 

जय हिन्द - सुभाष चन्द्र बोश 

दिल्ली चलो - सुभाष चन्द्र बोश 

वन्दे मातरम - बंकिम चन्द्र चटर्जी 

इंकलाब जिंदाबाद (Long live the revolution) - ये नारा सबसे पहले हसरत मोहनी ने दिया था लेकिन इसका इस्तेमाल सबसे पहले भगत सिंह ने किया 

सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देहना है जोर कितना बाजुए कातिल में है - पंडित राम प्रशाद बिसमिल 

स्वराज हमारा जन्मशिद्ध अधिकार है , और मैं इसे लेकर रहूँगा ( Swarajya is my birthright, and I shall have it ) - लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक 

सरे जहाँ से अच्छा हिंदुस्तान हमारा - इकबाल 

समुच्च भारत एक विशाल बंदीगृह है - RC Das

दुसमन की गोलियों का सामना हम करेंगे , आजह हैं और आजाद ही रहेंगे - चन्द्र शेखर 

वापस जाओ साइमन ( Simon go back ) - लाला लाजपत राय

मेरे सर पर लाठी का एक-एक प्रहार , अंग्रेजी शासन के ताबूत की कील साबित होगा - लाला लाजपत राय 

Who lives if India dies - जवाहरलाल नेहरू 

पूर्ण स्वराज - जवाहरलाल नेहरू 

हिंदी, हिन्दू हिंदुस्तान - भारतेंदु हरिश्चंद्र 

साम्राज्यवाद का नाश हो - शहीद भगत सिंह 

हे राम - महात्मा गाँधी 

आराम हराम है - जवाहरलाल नेहरू 

जय जगत - विनोबा भावे 

सम्पूर्ण क्रांति - JP Narayan

मारो फिरंगी को - मंगल पांडे 

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दुस्ता हमारा - मोहम्मद इकबाल 

वेदों की और लौटो - दयानंद सरस्वती 

श्रमेव जयते - इंद्रा गाँधी 

जय जवान जय किसान - लाल बहादुर शास्त्री

देश की पूजा ही राम की पूजा है - मदन लाल ढींगरा 

काम अधिक बातें कम - संजय गाँधी

Comments

Popular posts from this blog

संस्कार और उनसे मुक्ति - Sacrifice and liberation from them, in Hindi

[caption id="" align="aligncenter" width="497"] संस्कार और उनसे मुक्ति - Sacrifice and liberation from them, in Hindi [/caption] गुरु नानक (Guru Nanak) साहब के जीवन (life) का एक प्रसंग (story) है. एक बार गुरु नानक साहब अपने शिष्यों (disciples) के साथ कहीं यात्रा (travelling) पर जा रहे थे. रास्ते में सब लोगों ने देखा कि एक दुकान (shop) के आगे अनाज का ढेर पड़ा हुआ है. एक बकरा (goat) उनमें से कुछ खाने की कोशिश (try) कर रहा है और एक लड़का उस बकरे को डंडे मारकर भगा रहा है. नानक साहब यह देख कर हस (smiling) पड़े. थोड़ी दूर जाने पर उनके शिष्यों (disciples) में से एक बोला कि भगवन (god) मैंने तो सुना था कि संत (sage) दूसरों के दुख में दुखी होते हैं परन्तु (but) आप तो बकरे को पिटता (beaten) देखकर हँसे (laughed), इसमें कोई राज (secret) होगा. कृपया समझायें. नानक साहब बोले कि देखो वह जो बकरा था किसी समय (time) इस दुकान (shop) का मालिक (owner) था. इस लड़के का पिता (father) था जो इस समय पिट रहा है अपने पुत्र (son) के हाथ. फिर उन्होंने बताया कि देखो मनुष्य (human) जो कर्म करता...

मन में निर्मलता कैसे लाये ? - How to bring clarity in mind?

[caption id="" align="aligncenter" width="457"] मन की निर्मलता - Clarity of mind, in Hindi [/caption] निर्मल ह्रदय (clean heart) खुले आकाश (sky) की भांति (like) पारदर्शी (transparent) होता है. उसमे छिपने-छिपाने की कोई बात नहीं होती है. निर्मल ह्रदय (clean heart) वाले का अंतरंग (inner) ऐसा अन्त:पुर होता है जहाँ सबकी सहज (spontaneous) पहुँच होती है. माता-पिता का दिल पुत्र (son) के लिए और परम पिता का दिल सबके लिये ऐसा ही होता है. संतजन (sage) ईश्वर के अवतार (incarnation) होता है, उनका दिल-दरबार सबके लिये खुला होता है. वे यह निर्मलता (cleanness) का प्रसाद सबको बांटते फिरते है. उनके सत्संग से यह निर्मलता अनायास (suddenly) प्राप्त होती है. निर्मलता से जीव में निर्भयता (fearlessness) आती है, आत्मा विश्वास (self confidence) आता है. बंधनों से मुक्ति (release) मिलता है. यह सत्संग है. यहाँ हर जीव माया के प्रबल प्रवाह (strong floe) में बहा जा रहा है. न चाहते हुए भी भूलें (forget) होती रहती है. कभी गुरु में अश्रद्धा (faithless), कभी ईश्वर में अविश्वास (disbelief), कभी...

बच्चे पर नज़र रखें - Monitor Your Kid, Parenting Tips In Hindi

बच्चे पर नज़र रखें - Monitor Your Kid, Parenting Tips In Hindi, baccho par hamesa najar rakhe taki wo bigade nahi... बच्चे के प्रति माता-पिता क behavior कैसा होना चाहिए , इस सम्बन्ध में एक बात यह भी शामिल है कि वे अपने बच्चों पर नज़र रखें . यहाँ नजर रखने का मतलब यह नहीं है कि वे अपने बच्चों की जासूसी करें . बल्कि यह है कि वे अपने बच्चे के काम का दिन भर का time-table अपने पास रखें . ऐसे माता-पिता भी आपने देखें होंगे , जो अपने बच्चों के सम्बन्ध में कहेंगे - ' हमारे बच्चे अब समझदार हो गए हैं . ' ' हमे उनके बारे में सोचने की आवश्यकता ही नहीं है . ' ' हमे अपने बच्चों पर पूरा भरोसा है . ' ' बच्चे जो कुछ कर रहे हैं , ठीक कर रहे हैं . अपना अच्छा-बुरा उन्हें खुद देखना चाहिए . ' माता-पिता के इन बातों में कोई बुराई नहीं है . बच्चे अगर बड़े हो गए हैं , तो यह संभव है कि वे समझदार हो गये हों और वे अभी से अपने future के विषय में सोचने लगे हों . हर माता-पिता को अपने बच्चों पर इतना भरोसा जरुर होना चाहिए . मगर सुनिए ....... क्या आप उनके दिन भर के कामो को देखकर पुरे विश्वास क...