Skip to main content

Google Blogger Dashboard कि जानकारी

Google Blogger Dashboard Introduction in HINDI
आज हम आपको आपके Google Blogger Dashboard कि जानकारी देंगे .
तो Friends पहले अपने Blogger.com में जा के Login करे . जैसे की हमने पिछले Post में बताया थो की 'कैसे Google में अपना Blog बनाए , और हमने myfirstblog9821.blogspot.com बनाया था .
तो Friends आप अपने Blogger Dashboard में जाए , आपका Blogger Dashbord कुछ इस तरह नजर आएगा .







इसमें आप देख सकते है Top Bar



जैसा की आप ऊपर Picture के माध्यम से देख सकते है कि , यहा 3 Menu Tool है , जिसमे New Post करने के लिए पहले वाले को click करे , अपना Post देखने के लिए दुसरे वाले को click करे और अपना Blog बेखने के लिए तीसरे को click करे .


ये तो था Top Tool Bar , आइये Left Tool Bar की तरफ चलते है .

 

आइये जानते है इनके बारे में .

 


 

Picture के जरिये आप Clear हो जायेगे कि किसको click करने से क्या होता है .

  • Overview- अगर आपको अपने Blog का Stats जानना है तो यहा click करे .

  • Posts- अपना Post देखने के लिए .

  • Comment- आपके Post पे किसने Comment किया है और क्या Comment किया है , जानने के लिए Comments पर click करे .

  • google+ - google+ के लिए .

  • Stats - Blog की पूरी Stats जानने के लिए , मतलब आज कितने लोगो ने आपका Blog देखा है , कब देखा है , कोन सा Post देखा है और आपका Visitorकिस देश से है , जानने के लिए Statsमें click करे .

  • Earnings- अपनी Earning check करने के लिए यहा click करे 

  • Campaigns- Campaigns के लिए 

  • Layout- Blog का Layout देखने के लिए या फिर बदलने के लिए यहा click करे .

  • Template- Blog का Template देखने के लिए या फिर बदलने के लिए यहा click करे .

  • Setting- Blogger setting के लिए .


 

Comments

Popular posts from this blog

संस्कार और उनसे मुक्ति - Sacrifice and liberation from them, in Hindi

[caption id="" align="aligncenter" width="497"] संस्कार और उनसे मुक्ति - Sacrifice and liberation from them, in Hindi [/caption] गुरु नानक (Guru Nanak) साहब के जीवन (life) का एक प्रसंग (story) है. एक बार गुरु नानक साहब अपने शिष्यों (disciples) के साथ कहीं यात्रा (travelling) पर जा रहे थे. रास्ते में सब लोगों ने देखा कि एक दुकान (shop) के आगे अनाज का ढेर पड़ा हुआ है. एक बकरा (goat) उनमें से कुछ खाने की कोशिश (try) कर रहा है और एक लड़का उस बकरे को डंडे मारकर भगा रहा है. नानक साहब यह देख कर हस (smiling) पड़े. थोड़ी दूर जाने पर उनके शिष्यों (disciples) में से एक बोला कि भगवन (god) मैंने तो सुना था कि संत (sage) दूसरों के दुख में दुखी होते हैं परन्तु (but) आप तो बकरे को पिटता (beaten) देखकर हँसे (laughed), इसमें कोई राज (secret) होगा. कृपया समझायें. नानक साहब बोले कि देखो वह जो बकरा था किसी समय (time) इस दुकान (shop) का मालिक (owner) था. इस लड़के का पिता (father) था जो इस समय पिट रहा है अपने पुत्र (son) के हाथ. फिर उन्होंने बताया कि देखो मनुष्य (human) जो कर्म करता...

मन में निर्मलता कैसे लाये ? - How to bring clarity in mind?

[caption id="" align="aligncenter" width="457"] मन की निर्मलता - Clarity of mind, in Hindi [/caption] निर्मल ह्रदय (clean heart) खुले आकाश (sky) की भांति (like) पारदर्शी (transparent) होता है. उसमे छिपने-छिपाने की कोई बात नहीं होती है. निर्मल ह्रदय (clean heart) वाले का अंतरंग (inner) ऐसा अन्त:पुर होता है जहाँ सबकी सहज (spontaneous) पहुँच होती है. माता-पिता का दिल पुत्र (son) के लिए और परम पिता का दिल सबके लिये ऐसा ही होता है. संतजन (sage) ईश्वर के अवतार (incarnation) होता है, उनका दिल-दरबार सबके लिये खुला होता है. वे यह निर्मलता (cleanness) का प्रसाद सबको बांटते फिरते है. उनके सत्संग से यह निर्मलता अनायास (suddenly) प्राप्त होती है. निर्मलता से जीव में निर्भयता (fearlessness) आती है, आत्मा विश्वास (self confidence) आता है. बंधनों से मुक्ति (release) मिलता है. यह सत्संग है. यहाँ हर जीव माया के प्रबल प्रवाह (strong floe) में बहा जा रहा है. न चाहते हुए भी भूलें (forget) होती रहती है. कभी गुरु में अश्रद्धा (faithless), कभी ईश्वर में अविश्वास (disbelief), कभी...

बच्चे पर नज़र रखें - Monitor Your Kid, Parenting Tips In Hindi

बच्चे पर नज़र रखें - Monitor Your Kid, Parenting Tips In Hindi, baccho par hamesa najar rakhe taki wo bigade nahi... बच्चे के प्रति माता-पिता क behavior कैसा होना चाहिए , इस सम्बन्ध में एक बात यह भी शामिल है कि वे अपने बच्चों पर नज़र रखें . यहाँ नजर रखने का मतलब यह नहीं है कि वे अपने बच्चों की जासूसी करें . बल्कि यह है कि वे अपने बच्चे के काम का दिन भर का time-table अपने पास रखें . ऐसे माता-पिता भी आपने देखें होंगे , जो अपने बच्चों के सम्बन्ध में कहेंगे - ' हमारे बच्चे अब समझदार हो गए हैं . ' ' हमे उनके बारे में सोचने की आवश्यकता ही नहीं है . ' ' हमे अपने बच्चों पर पूरा भरोसा है . ' ' बच्चे जो कुछ कर रहे हैं , ठीक कर रहे हैं . अपना अच्छा-बुरा उन्हें खुद देखना चाहिए . ' माता-पिता के इन बातों में कोई बुराई नहीं है . बच्चे अगर बड़े हो गए हैं , तो यह संभव है कि वे समझदार हो गये हों और वे अभी से अपने future के विषय में सोचने लगे हों . हर माता-पिता को अपने बच्चों पर इतना भरोसा जरुर होना चाहिए . मगर सुनिए ....... क्या आप उनके दिन भर के कामो को देखकर पुरे विश्वास क...